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| प्रकाशन दिनांक | लेखनविभाग : | शीर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
|---|---|---|---|---|---|
| 04/09/24 | व्यवस्थापकीय | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२४ : वर्ष ११ वे | गंगाधर मुटे | 4,454 | 3 |
| 16/09/24 | पद्यकविता | नको नको विकू राजा | Ujwala Sambhaji... | 3,737 | 2 |
| 16/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | कवडीमोल दाम | मुक्तविहारी | 4,176 | 2 |
| 17/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाचा भाव | URMILA RAUT | 4,101 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | असा आहे आमचा शेतकरी | गंगाधर मुटे | 4,141 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | उत्पादन खर्च आणि कापसाचे भाव | गंगाधर मुटे | 3,741 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | कृषिनिष्ठ, शेतीभूषण म्हणजे कुर्हाडीचे दांडे? | गंगाधर मुटे | 3,179 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | नेता नव्हे, शेतकर्यांचा स्वातंत्र्यसूर्य | गंगाधर मुटे | 2,989 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शोषकांना पोषक : जातीयवादाचा भस्मासूर : युगात्मा शरद जोशी | संपादक | 1,392 | |
| 18/09/24 | पद्यकविता | तुझ्या कागदी नियोजनाला भोकामध्ये घाल | गंगाधर मुटे | 3,756 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | तर नांगर दाबणारे हात मंत्र्यांचे गळे दाबतील | Andi2702 | 1,101 | |
| 18/09/24 | ललितलेख | वांगे अमर रहे...! | गंगाधर मुटे | 1,314 | |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | आत्महत्या नव्हे, शेतकर्यांचा शासकीय खून! | गंगाधर मुटे | 1,240 | |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | यंदा पेरू वावरात गांजा | गोपाल मापारी | 3,444 | 1 |
| 18/09/24 | दुःखद अनुभव | पार्टी द्या, कर्ज घ्या; कोंबडी द्या, वसुली थांबवा | गंगाधर मुटे | 1,159 | |
| 19/09/24 | वैचारिक लेख | न्याय आणि वाव बळीराजाचा | Bharati Sawant | 1,143 | |
| 19/09/24 | मागोवा | मिळेल का बळीला न्याय? | Bharati Sawant | 1,376 | |
| 19/09/24 | छंदोबद्ध कविता | फूलु दे शिवारी | Dr. Rajendra Gawali | 1,242 | |
| 20/09/24 | छंदोबद्ध कविता | रोग कोनता होते का ( झाडी बोलीत अष्टाक्षरी ) | nilkavi74 | 1,354 | |
| 20/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | पदरी अमुच्या घोर निराशा... | nilkavi74 | 4,050 | 2 |
| 20/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | शेतमाला नाही भाव | खुशाल दादाराव ग... | 4,155 | 2 |
| 20/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | हत्त्या करायला शीक : कविता इंद्रजित भालेराव | गंगाधर मुटे | 5,078 | 1 |
| 21/09/24 | कथा | भाकरीचा भाव | nilkavi74 | 1,429 | |
| 22/09/24 | पद्यकविता | माणसाचा देव व्हावा | Dr. Rajendra Gawali | 1,581 | |
| 22/09/24 | छंदमुक्त कविता | चीर कातडी अन्यायाची | Dr. Rajendra Gawali | 1,035 | |
| 22/09/24 | गझल | उनाड वारा | Dr. Rajendra Gawali | 1,437 | |
| 22/09/24 | छंदोबद्ध कविता | आतातरी होय जागा | भालचंद्र डंभे | 1,154 | |
| 22/09/24 | कथा | गुजरी | Liladhardawande786 | 3,886 | 2 |
| 22/09/24 | गझल | सातबारा..... गझल | Ajit1980 | 1,088 | |
| 22/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | //भाव द्या // | अतिथी सदस्य (-) | 4,934 | 4 |
| 23/09/24 | पुस्तक समीक्षण | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 4,742 | 1 |
| 23/09/24 | छंदमुक्त कविता | संघर्ष | MAHESH VASANTRA... | 1,262 | |
| 23/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | शेतमालाला भावच नाही | Liladhardawande786 | 1,351 | |
| 23/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,366 | |
| 23/09/24 | पद्यकविता | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,275 | |
| 23/09/24 | गझल | पुरेसा भाव द्या | nilkavi74 | 4,381 | 1 |
| 23/09/24 | छंदोबद्ध कविता | बळी-राजा | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,902 | |
| 23/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | हारासी | अतिथी सदस्य (-) | 165 | 2 |
| 23/09/24 | ललितलेख | हारासी | NILESHDESHMUKH | 1,036 | |
| 23/09/24 | ललितलेख | कृषिप्रधान देशातील हतबल शेतकरी | Vaishnavi nirmal | 3,343 | |
| 23/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचा भाव- एक शोध निबंध | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,750 | |
| 23/09/24 | छंदमुक्त कविता | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,200 | |
| 23/09/24 | सुखद अनुभव | पुढचं पाऊल | Vaishnavi nirmal | 1,064 | |
| 23/09/24 | छंदोबद्ध कविता | शेतकऱ्याची व्यथा | shubhangi nimbole | 6,896 | 4 |
| 23/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | भाव भावनांचा | अतिथी सदस्य (-) | 4,989 | 4 |
| 23/09/24 | दुःखद अनुभव | लिलाव | Vishalmohod | 4,023 | 1 |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,370 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | खाल्ल्या अन्नाला जागा | राजेश हनुमंतराव... | 4,178 | 1 |
| 24/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचे भाव | V59Angaaitkar | 1,155 | |
| 24/09/24 | ललितलेख | कांद्याचे वांधे | Krushna Ashok Jawle | 3,763 | 1 |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | शेतकरी राया | VishalBhausahab... | 1,596 | |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | शेतकरी राया | VishalBhausahab... | 1,182 | |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | आता लढाया सज्ज हो | surekha | 4,089 | 1 |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतकरी संपावर गेल्यावर | VishalBhausahab... | 1,613 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | बारोमाही | Ajit1980 | 1,666 | |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | हमी भाव | अतिथी सदस्य (-) | 5,816 | 4 |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | अनाज | ravindradalvi | 4,594 | 1 |
| 24/09/24 | मागोवा | ११ वे अ.भा.म.शे.सा.सं,मोहाडी:-‘उद्योग तंत्रज्ञानातून चतूरंग शेतीस संजीवनी’ | ravindradalvi | 1,535 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | बारोमाही:-छंदमुक्त कविता | Ajit1980 | 1,557 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | मतपेट्यांच्या पोटात पाय | Raosaheb Jadhav | 1,119 | |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शेतमालाचे भाव | अतिथी सदस्य (-) | 4,148 | 3 |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | संघर्ष कवितेचे रसग्रहण | Liladhardawande786 | 1,798 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | शेतमालाचे भाव | Sayrabanu Chougule | 1,804 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | पिकाचा भाव | Nilesh Turke | 4,176 | 2 |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | उतमात | अतिथी सदस्य (-) | 4,374 | 3 |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | हाल शेतकऱ्यांचे | दत्ता वालेकर | 1,190 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | पिकांचा भाव | Nilesh Turke | 1,161 | |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 5,161 | 1 |
| 24/09/24 | सुखद अनुभव | कोरोना काळ आणि भाजीपाला पिकाला मीळालेला भाव | निलेश देवकर | 43 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 4,914 | 7 |
| 24/09/24 | ललितलेख | राखीव दिवाकर चौकेकर, गांधीनगर | अतिथी सदस्य (-) | 1,109 | |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | राखीव डॉ. शुभांगी पाटील (भोयर) | Dr. Shubhangi P... | 3,991 | 2 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | कधी जागेल सरकार | RANGNATH TALWATKAR | 4,257 | 2 |
| 24/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचे भाव "समस्या एक प्रश्न अनेक" | Sanjay Thakre | 1,719 | |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाच्या भावाचे षडयंत्र | Ajit1980 | 1,155 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | कधी येणार आच्छे दिन........? | बालाजी कांबळे | 3,742 | 1 |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाला भाव द्या | अंकुश शिंगाडे | 3,777 | 1 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | राखीव श्रीकांत धोटे, अभंग / गेय कविता | shrikant dhote | 1,201 | |
| 24/09/24 | कथा | भाव | सतीश शंकरराव मानकर | 1,835 | |
| 24/09/24 | गझल | जगणे कास्तकाराचे... | cdkadam | 4,282 | 2 |
| 24/09/24 | सुखद अनुभव | योगायोगाने शेतमालाचा भाव : तायडे | sahebraotayade6... | 5,129 | 3 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | भाव देत नाही ..ती | Narendra Gandhare | 4,343 | 3 |
| 25/09/24 | वैचारिक लेख | बदल तर झालाच पाहिजे ! | आदिनाथ ताकटे | 1,432 | |
| 25/09/24 | वैचारिक लेख | बळीराजा सुखी केव्हा होणार | Patil Kishori | 1,777 | |
| 26/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | पुस्तक समीक्षण | Anu25488 | 1,399 | |
| 27/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शहरी माणसाच्या नजरेतून शेतमालाच्या भावाचा प्रश्न | बेफिकीर | 2,962 | 1 |
| 27/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | चाटा | Anu25488 | 4,168 | 1 |