
नमस्कार ! ![]() बळीराजावर आपले स्वागत आहे. |
आजचे बाजारभाव पाहण्यासाठी https://www.baliraja.com/node/3024 या लिंकवर क्लिक करा.
| प्रकाशन दिनांक | लेखनविभाग : | शीर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
|---|---|---|---|---|---|
| 04/09/24 | व्यवस्थापकीय | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२४ : वर्ष ११ वे | गंगाधर मुटे | 3,903 | 3 |
| 16/09/24 | पद्यकविता | नको नको विकू राजा | Ujwala Sambhaji... | 3,200 | 2 |
| 16/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | कवडीमोल दाम | मुक्तविहारी | 3,360 | 2 |
| 17/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाचा भाव | URMILA RAUT | 3,555 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | असा आहे आमचा शेतकरी | गंगाधर मुटे | 3,513 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | उत्पादन खर्च आणि कापसाचे भाव | गंगाधर मुटे | 3,269 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | कृषिनिष्ठ, शेतीभूषण म्हणजे कुर्हाडीचे दांडे? | गंगाधर मुटे | 2,606 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | नेता नव्हे, शेतकर्यांचा स्वातंत्र्यसूर्य | गंगाधर मुटे | 2,537 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शोषकांना पोषक : जातीयवादाचा भस्मासूर : युगात्मा शरद जोशी | संपादक | 1,104 | |
| 18/09/24 | पद्यकविता | तुझ्या कागदी नियोजनाला भोकामध्ये घाल | गंगाधर मुटे | 3,025 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | तर नांगर दाबणारे हात मंत्र्यांचे गळे दाबतील | Andi2702 | 873 | |
| 18/09/24 | ललितलेख | वांगे अमर रहे...! | गंगाधर मुटे | 1,089 | |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | आत्महत्या नव्हे, शेतकर्यांचा शासकीय खून! | गंगाधर मुटे | 1,016 | |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | यंदा पेरू वावरात गांजा | गोपाल मापारी | 2,773 | 1 |
| 18/09/24 | दुःखद अनुभव | पार्टी द्या, कर्ज घ्या; कोंबडी द्या, वसुली थांबवा | गंगाधर मुटे | 1,021 | |
| 19/09/24 | वैचारिक लेख | न्याय आणि वाव बळीराजाचा | Bharati Sawant | 988 | |
| 19/09/24 | मागोवा | मिळेल का बळीला न्याय? | Bharati Sawant | 1,045 | |
| 19/09/24 | छंदोबद्ध कविता | फूलु दे शिवारी | Dr. Rajendra Gawali | 1,093 | |
| 20/09/24 | छंदोबद्ध कविता | रोग कोनता होते का ( झाडी बोलीत अष्टाक्षरी ) | nilkavi74 | 1,214 | |
| 20/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | पदरी अमुच्या घोर निराशा... | nilkavi74 | 3,614 | 2 |
| 20/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | शेतमाला नाही भाव | खुशाल दादाराव ग... | 3,597 | 2 |
| 20/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | हत्त्या करायला शीक : कविता इंद्रजित भालेराव | गंगाधर मुटे | 4,513 | 1 |
| 21/09/24 | कथा | भाकरीचा भाव | nilkavi74 | 1,141 | |
| 22/09/24 | पद्यकविता | माणसाचा देव व्हावा | Dr. Rajendra Gawali | 1,326 | |
| 22/09/24 | छंदमुक्त कविता | चीर कातडी अन्यायाची | Dr. Rajendra Gawali | 818 | |
| 22/09/24 | गझल | उनाड वारा | Dr. Rajendra Gawali | 1,292 | |
| 22/09/24 | छंदोबद्ध कविता | आतातरी होय जागा | भालचंद्र डंभे | 1,001 | |
| 22/09/24 | कथा | गुजरी | Liladhardawande786 | 3,428 | 2 |
| 22/09/24 | गझल | सातबारा..... गझल | Ajit1980 | 971 | |
| 22/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | //भाव द्या // | अतिथी सदस्य (-) | 4,249 | 4 |
| 23/09/24 | पुस्तक समीक्षण | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 4,083 | 1 |
| 23/09/24 | छंदमुक्त कविता | संघर्ष | MAHESH VASANTRA... | 1,011 | |
| 23/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | शेतमालाला भावच नाही | Liladhardawande786 | 1,005 | |
| 23/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,171 | |
| 23/09/24 | पद्यकविता | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,116 | |
| 23/09/24 | गझल | पुरेसा भाव द्या | nilkavi74 | 3,611 | 1 |
| 23/09/24 | छंदोबद्ध कविता | बळी-राजा | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,612 | |
| 23/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | हारासी | अतिथी सदस्य (-) | 165 | 2 |
| 23/09/24 | ललितलेख | हारासी | NILESHDESHMUKH | 867 | |
| 23/09/24 | ललितलेख | कृषिप्रधान देशातील हतबल शेतकरी | Vaishnavi nirmal | 2,537 | |
| 23/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचा भाव- एक शोध निबंध | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,532 | |
| 23/09/24 | छंदमुक्त कविता | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 922 | |
| 23/09/24 | सुखद अनुभव | पुढचं पाऊल | Vaishnavi nirmal | 947 | |
| 23/09/24 | छंदोबद्ध कविता | शेतकऱ्याची व्यथा | shubhangi nimbole | 5,635 | 4 |
| 23/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | भाव भावनांचा | अतिथी सदस्य (-) | 4,341 | 4 |
| 23/09/24 | दुःखद अनुभव | लिलाव | Vishalmohod | 3,476 | 1 |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,124 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | खाल्ल्या अन्नाला जागा | राजेश हनुमंतराव... | 3,797 | 1 |
| 24/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचे भाव | V59Angaaitkar | 1,036 | |
| 24/09/24 | ललितलेख | कांद्याचे वांधे | Krushna Ashok Jawle | 3,314 | 1 |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | शेतकरी राया | VishalBhausahab... | 1,333 | |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | शेतकरी राया | VishalBhausahab... | 983 | |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | आता लढाया सज्ज हो | surekha | 3,682 | 1 |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतकरी संपावर गेल्यावर | VishalBhausahab... | 1,400 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | बारोमाही | Ajit1980 | 1,379 | |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | हमी भाव | अतिथी सदस्य (-) | 4,930 | 4 |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | अनाज | ravindradalvi | 3,908 | 1 |
| 24/09/24 | मागोवा | ११ वे अ.भा.म.शे.सा.सं,मोहाडी:-‘उद्योग तंत्रज्ञानातून चतूरंग शेतीस संजीवनी’ | ravindradalvi | 1,193 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | बारोमाही:-छंदमुक्त कविता | Ajit1980 | 1,303 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | मतपेट्यांच्या पोटात पाय | Raosaheb Jadhav | 979 | |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शेतमालाचे भाव | अतिथी सदस्य (-) | 3,468 | 3 |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | संघर्ष कवितेचे रसग्रहण | Liladhardawande786 | 1,467 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | शेतमालाचे भाव | Sayrabanu Chougule | 1,644 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | पिकाचा भाव | Nilesh Turke | 3,561 | 2 |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | उतमात | अतिथी सदस्य (-) | 3,780 | 3 |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | हाल शेतकऱ्यांचे | दत्ता वालेकर | 1,040 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | पिकांचा भाव | Nilesh Turke | 880 | |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 4,098 | 1 |
| 24/09/24 | सुखद अनुभव | कोरोना काळ आणि भाजीपाला पिकाला मीळालेला भाव | निलेश देवकर | 43 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 4,351 | 7 |
| 24/09/24 | ललितलेख | राखीव दिवाकर चौकेकर, गांधीनगर | अतिथी सदस्य (-) | 967 | |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | राखीव डॉ. शुभांगी पाटील (भोयर) | Dr. Shubhangi P... | 3,453 | 2 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | कधी जागेल सरकार | RANGNATH TALWATKAR | 3,733 | 2 |
| 24/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचे भाव "समस्या एक प्रश्न अनेक" | Sanjay Thakre | 1,539 | |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाच्या भावाचे षडयंत्र | Ajit1980 | 1,003 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | कधी येणार आच्छे दिन........? | बालाजी कांबळे | 3,129 | 1 |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाला भाव द्या | अंकुश शिंगाडे | 3,251 | 1 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | राखीव श्रीकांत धोटे, अभंग / गेय कविता | shrikant dhote | 1,070 | |
| 24/09/24 | कथा | भाव | सतीश शंकरराव मानकर | 1,689 | |
| 24/09/24 | गझल | जगणे कास्तकाराचे... | cdkadam | 3,720 | 2 |
| 24/09/24 | सुखद अनुभव | योगायोगाने शेतमालाचा भाव : तायडे | sahebraotayade6... | 4,455 | 3 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | भाव देत नाही ..ती | Narendra Gandhare | 3,802 | 3 |
| 25/09/24 | वैचारिक लेख | बदल तर झालाच पाहिजे ! | आदिनाथ ताकटे | 1,273 | |
| 25/09/24 | वैचारिक लेख | बळीराजा सुखी केव्हा होणार | Patil Kishori | 1,581 | |
| 26/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | पुस्तक समीक्षण | Anu25488 | 1,253 | |
| 27/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शहरी माणसाच्या नजरेतून शेतमालाच्या भावाचा प्रश्न | बेफिकीर | 2,533 | 1 |
| 27/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | चाटा | Anu25488 | 3,620 | 1 |