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| प्रकाशन दिनांक | लेखनविभाग : | शीर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
|---|---|---|---|---|---|
| 04/09/24 | व्यवस्थापकीय | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२४ : वर्ष ११ वे | गंगाधर मुटे | 4,635 | 3 |
| 16/09/24 | पद्यकविता | नको नको विकू राजा | Ujwala Sambhaji... | 3,951 | 2 |
| 16/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | कवडीमोल दाम | मुक्तविहारी | 4,289 | 2 |
| 17/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाचा भाव | URMILA RAUT | 4,216 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | असा आहे आमचा शेतकरी | गंगाधर मुटे | 4,452 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | उत्पादन खर्च आणि कापसाचे भाव | गंगाधर मुटे | 3,847 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | कृषिनिष्ठ, शेतीभूषण म्हणजे कुर्हाडीचे दांडे? | गंगाधर मुटे | 3,715 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | नेता नव्हे, शेतकर्यांचा स्वातंत्र्यसूर्य | गंगाधर मुटे | 3,115 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शोषकांना पोषक : जातीयवादाचा भस्मासूर : युगात्मा शरद जोशी | संपादक | 1,443 | |
| 18/09/24 | पद्यकविता | तुझ्या कागदी नियोजनाला भोकामध्ये घाल | गंगाधर मुटे | 3,847 | 1 |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | तर नांगर दाबणारे हात मंत्र्यांचे गळे दाबतील | Andi2702 | 1,138 | |
| 18/09/24 | ललितलेख | वांगे अमर रहे...! | गंगाधर मुटे | 1,360 | |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | आत्महत्या नव्हे, शेतकर्यांचा शासकीय खून! | गंगाधर मुटे | 1,276 | |
| 18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | यंदा पेरू वावरात गांजा | गोपाल मापारी | 3,523 | 1 |
| 18/09/24 | दुःखद अनुभव | पार्टी द्या, कर्ज घ्या; कोंबडी द्या, वसुली थांबवा | गंगाधर मुटे | 1,186 | |
| 19/09/24 | वैचारिक लेख | न्याय आणि वाव बळीराजाचा | Bharati Sawant | 1,193 | |
| 19/09/24 | मागोवा | मिळेल का बळीला न्याय? | Bharati Sawant | 1,407 | |
| 19/09/24 | छंदोबद्ध कविता | फूलु दे शिवारी | Dr. Rajendra Gawali | 1,281 | |
| 20/09/24 | छंदोबद्ध कविता | रोग कोनता होते का ( झाडी बोलीत अष्टाक्षरी ) | nilkavi74 | 1,374 | |
| 20/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | पदरी अमुच्या घोर निराशा... | nilkavi74 | 4,218 | 2 |
| 20/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | शेतमाला नाही भाव | खुशाल दादाराव ग... | 4,308 | 2 |
| 20/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | हत्त्या करायला शीक : कविता इंद्रजित भालेराव | गंगाधर मुटे | 5,298 | 1 |
| 21/09/24 | कथा | भाकरीचा भाव | nilkavi74 | 1,494 | |
| 22/09/24 | पद्यकविता | माणसाचा देव व्हावा | Dr. Rajendra Gawali | 1,608 | |
| 22/09/24 | छंदमुक्त कविता | चीर कातडी अन्यायाची | Dr. Rajendra Gawali | 1,091 | |
| 22/09/24 | गझल | उनाड वारा | Dr. Rajendra Gawali | 1,501 | |
| 22/09/24 | छंदोबद्ध कविता | आतातरी होय जागा | भालचंद्र डंभे | 1,189 | |
| 22/09/24 | कथा | गुजरी | Liladhardawande786 | 4,048 | 2 |
| 22/09/24 | गझल | सातबारा..... गझल | Ajit1980 | 1,126 | |
| 22/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | //भाव द्या // | अतिथी सदस्य (-) | 5,034 | 4 |
| 23/09/24 | पुस्तक समीक्षण | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 5,335 | 1 |
| 23/09/24 | छंदमुक्त कविता | संघर्ष | MAHESH VASANTRA... | 1,288 | |
| 23/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | शेतमालाला भावच नाही | Liladhardawande786 | 1,382 | |
| 23/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,410 | |
| 23/09/24 | पद्यकविता | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,315 | |
| 23/09/24 | गझल | पुरेसा भाव द्या | nilkavi74 | 4,529 | 1 |
| 23/09/24 | छंदोबद्ध कविता | बळी-राजा | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,989 | |
| 23/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | हारासी | अतिथी सदस्य (-) | 165 | 2 |
| 23/09/24 | ललितलेख | हारासी | NILESHDESHMUKH | 1,087 | |
| 23/09/24 | ललितलेख | कृषिप्रधान देशातील हतबल शेतकरी | Vaishnavi nirmal | 3,399 | |
| 23/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचा भाव- एक शोध निबंध | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,818 | |
| 23/09/24 | छंदमुक्त कविता | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,235 | |
| 23/09/24 | सुखद अनुभव | पुढचं पाऊल | Vaishnavi nirmal | 1,106 | |
| 23/09/24 | छंदोबद्ध कविता | शेतकऱ्याची व्यथा | shubhangi nimbole | 7,092 | 4 |
| 23/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | भाव भावनांचा | अतिथी सदस्य (-) | 5,185 | 4 |
| 23/09/24 | दुःखद अनुभव | लिलाव | Vishalmohod | 4,315 | 1 |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,405 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | खाल्ल्या अन्नाला जागा | राजेश हनुमंतराव... | 4,307 | 1 |
| 24/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचे भाव | V59Angaaitkar | 1,176 | |
| 24/09/24 | ललितलेख | कांद्याचे वांधे | Krushna Ashok Jawle | 3,907 | 1 |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | शेतकरी राया | VishalBhausahab... | 1,648 | |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | शेतकरी राया | VishalBhausahab... | 1,214 | |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | आता लढाया सज्ज हो | surekha | 4,209 | 1 |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतकरी संपावर गेल्यावर | VishalBhausahab... | 1,680 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | बारोमाही | Ajit1980 | 1,715 | |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | हमी भाव | अतिथी सदस्य (-) | 6,138 | 4 |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | अनाज | ravindradalvi | 4,640 | 1 |
| 24/09/24 | मागोवा | ११ वे अ.भा.म.शे.सा.सं,मोहाडी:-‘उद्योग तंत्रज्ञानातून चतूरंग शेतीस संजीवनी’ | ravindradalvi | 1,627 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | बारोमाही:-छंदमुक्त कविता | Ajit1980 | 1,621 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | मतपेट्यांच्या पोटात पाय | Raosaheb Jadhav | 1,151 | |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शेतमालाचे भाव | अतिथी सदस्य (-) | 4,359 | 3 |
| 24/09/24 | कवितेचे रसग्रहण | संघर्ष कवितेचे रसग्रहण | Liladhardawande786 | 1,860 | |
| 24/09/24 | छंदमुक्त कविता | शेतमालाचे भाव | Sayrabanu Chougule | 1,854 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | पिकाचा भाव | Nilesh Turke | 4,265 | 2 |
| 24/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | उतमात | अतिथी सदस्य (-) | 4,484 | 3 |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | हाल शेतकऱ्यांचे | दत्ता वालेकर | 1,241 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | पिकांचा भाव | Nilesh Turke | 1,181 | |
| 24/09/24 | छंदोबद्ध कविता | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 5,357 | 1 |
| 24/09/24 | सुखद अनुभव | कोरोना काळ आणि भाजीपाला पिकाला मीळालेला भाव | निलेश देवकर | 43 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 5,067 | 7 |
| 24/09/24 | ललितलेख | राखीव दिवाकर चौकेकर, गांधीनगर | अतिथी सदस्य (-) | 1,143 | |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | राखीव डॉ. शुभांगी पाटील (भोयर) | Dr. Shubhangi P... | 4,671 | 2 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | कधी जागेल सरकार | RANGNATH TALWATKAR | 4,380 | 2 |
| 24/09/24 | प्रेरक लेख | शेतमालाचे भाव "समस्या एक प्रश्न अनेक" | Sanjay Thakre | 1,751 | |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाच्या भावाचे षडयंत्र | Ajit1980 | 1,203 | |
| 24/09/24 | पद्यकविता | कधी येणार आच्छे दिन........? | बालाजी कांबळे | 3,879 | 1 |
| 24/09/24 | वैचारिक लेख | शेतमालाला भाव द्या | अंकुश शिंगाडे | 3,964 | 1 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | राखीव श्रीकांत धोटे, अभंग / गेय कविता | shrikant dhote | 1,261 | |
| 24/09/24 | कथा | भाव | सतीश शंकरराव मानकर | 1,891 | |
| 24/09/24 | गझल | जगणे कास्तकाराचे... | cdkadam | 4,425 | 2 |
| 24/09/24 | सुखद अनुभव | योगायोगाने शेतमालाचा भाव : तायडे | sahebraotayade6... | 5,287 | 3 |
| 24/09/24 | गेय रचना/गीत/पोवाडा इत्यादी | भाव देत नाही ..ती | Narendra Gandhare | 4,510 | 3 |
| 25/09/24 | वैचारिक लेख | बदल तर झालाच पाहिजे ! | आदिनाथ ताकटे | 1,481 | |
| 25/09/24 | वैचारिक लेख | बळीराजा सुखी केव्हा होणार | Patil Kishori | 1,841 | |
| 26/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | पुस्तक समीक्षण | Anu25488 | 1,484 | |
| 27/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शहरी माणसाच्या नजरेतून शेतमालाच्या भावाचा प्रश्न | बेफिकीर | 3,113 | 1 |
| 27/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | चाटा | Anu25488 | 4,290 | 1 |