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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 27/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | चाटा | Anu25488 | 4,207 | 1 | 07/10/24 |
| 20/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | हत्त्या करायला शीक : कविता इंद्रजित भालेराव | गंगाधर मुटे | 5,128 | 1 | 07/10/24 |
| 23/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 4,764 | 1 | 05/10/24 |
| 24/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 5,190 | 1 | 05/10/24 |
| 24/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 4,932 | 7 | 05/10/24 |
| 24/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | हमी भाव | अतिथी सदस्य (-) | 5,837 | 4 | 05/10/24 |
| 24/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | अनाज | ravindradalvi | 4,604 | 1 | 04/10/24 |
| 24/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | आता लढाया सज्ज हो | surekha | 4,166 | 1 | 04/10/24 |
| 23/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | शेतकऱ्याची व्यथा | shubhangi nimbole | 6,931 | 4 | 04/10/24 |
| 18/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | तुझ्या कागदी नियोजनाला भोकामध्ये घाल | गंगाधर मुटे | 3,773 | 1 | 04/10/24 |
शेतकरी गीत, काव्यगीत
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 19-06-2011 | धकव रं श्यामराव | 3,393 |
| 18-06-2011 | कसे अंकुरावे अता ते बियाणे? | 3,458 |
| 18-06-2011 | स्मशानात जागा हवी तेवढी | 3,364 |
| 15-06-2011 | रानमेवा खाऊ चला....! | 3,835 |
| 31-05-2011 | उषःकाल होता होता | 4,282 |
माझी मराठी गझल
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 25-04-2013 | नाटकी बोलतात साले! | 12,684 |
| 14-01-2013 | शेरनीच्या जबड्यात ससा (हझल) | 7,657 |
| 28-07-2014 | मढे मोजण्याला | 7,119 |
| 14-09-2014 | ’माझी गझल निराळी’ ला स्व. सुरेश भट स्मृती गझल पुरस्कार | 7,686 |
| 24-06-2014 | समकालीन गझलेत वेगळेपण दाखविणारी गझल | 3,026 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 27-10-2024 | मुक्ताईने केले ज्ञानेशा शहाणे - युगात्मा शरद जोशी | गंगाधर मुटे | 1,414 |
| 27-10-2024 | शोषकांना पोषक : जातीयवादाचा भस्मासुर - युगात्मा शरद जोशी | संपादक | 14 |
| 26-10-2024 | ढाल तलवारे गुंतले हे कर | प्रज्ञा जयंत बापट | 1,687 |
| 25-10-2024 | शरद जोशी ते नाना पाटेकर व्हाया सह्याद्री फार्म्स | kushalmude | 1,343 |
| 22-09-2024 | //भाव द्या // | अतिथी सदस्य (-) | 4,958 |
शेतकरी साहित्य चळवळ-संमेलन
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 13-04-2024 | उत्पादन आणि उत्पन्न यामध्ये खूप फरक आहे हे संमेलनामुळे कळाले | 2,307 |
| 11-04-2024 | असेच संमेलन दरवर्षी अविरत पंढरीच्या वारीसारखे व्हावे | 1,845 |
| 11-04-2024 | शरद जोशींनी शेतकऱ्यांमधील स्वाभिमान जागवला - भानू काळे | 2,403 |
| 26-12-2023 | कार्यक्रमपत्रिका : ११ वे अ. भा. मराठी शेतकरी साहित्य संमेलन, नाशिक | 18,428 |
| 26-12-2023 | नियोजन : ११ वे अ.भा.म.शे.सा. संमेलन, नाशिक | 8,827 |
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | अभ्यासपूर्ण आणि अस्सल काव्य | 3,215 |
| 23-06-2011 | अनुभवांची शिदोरी आणि सृजनशीलतेची समृद्धी | 3,097 |
| 23-06-2011 | एक “अनुभवसिद्ध रानमेवा" | 2,898 |
"रानमेवा" काव्यसंग्रह
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | रानमेवा - भूमिका | 53,837 |
| 23-06-2011 | रानमेवा प्रस्तावना - मा. शरद जोशी | 11,009 |
| 23-06-2011 | भावात्म काव्यात्मकतेचा 'गोडवा’ | 3,619 |
| 23-06-2011 | 'सकाळ' 'सप्तरंग पुरवणीत' 'रानमेवा' ची दखल | 5,258 |
| 23-06-2011 | इतके उत्तम भाष्य फ़क्त श्रेष्ठ कवीच करू शकतो | 3,344 |
नवीन प्रतिसाद