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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 22/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | गुजरी | Liladhardawande786 | 3,158 | 2 | 04/10/24 |
| 18/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | नेता नव्हे, शेतकर्यांचा स्वातंत्र्यसूर्य | गंगाधर मुटे | 2,334 | 1 | 04/10/24 |
| 18/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | यंदा पेरू वावरात गांजा | गोपाल मापारी | 2,500 | 1 | 04/10/24 |
| 18/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | कृषिनिष्ठ, शेतीभूषण म्हणजे कुर्हाडीचे दांडे? | गंगाधर मुटे | 2,407 | 1 | 04/10/24 |
| 18/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | उत्पादन खर्च आणि कापसाचे भाव | गंगाधर मुटे | 3,093 | 1 | 04/10/24 |
| 18/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | असा आहे आमचा शेतकरी | गंगाधर मुटे | 3,128 | 1 | 04/10/24 |
| 17/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | शेतमालाचा भाव | URMILA RAUT | 3,383 | 1 | 04/10/24 |
| 04/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२४ : वर्ष ११ वे | गंगाधर मुटे | 3,626 | 3 | 04/10/24 |
| 24/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | पिकाचा भाव | Nilesh Turke | 3,239 | 2 | 04/10/24 |
| 23/09/2024 | लेखनस्पर्धा-२०२४ | भाव भावनांचा | अतिथी सदस्य (-) | 3,632 | 4 | 01/10/24 |
शेतकरी गीत, काव्यगीत
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 25-05-2011 | मेरे देश की धरती | 3,662 |
| 25-05-2011 | आता उठवू सारे रान | 5,791 |
माझी मराठी गझल
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 16-04-2014 | शेतकर्याला अभय देणारी निराळी गझल - विजय चव्हाण | 3,385 |
| 13-04-2014 | वरुणदेवाने फालतू त्याची जात दावू नये | 2,453 |
| 04-04-2014 | काही स्फूट शेर | 2,792 |
| 22-03-2014 | रंग आणखी मळतो आहे | 2,401 |
| 08-05-2013 | माझी गझल निराळी - भूमिका | 6,469 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 23-09-2024 | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 3,678 |
| 24-09-2024 | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 3,874 |
| 24-09-2024 | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 4,007 |
| 24-09-2024 | हमी भाव | अतिथी सदस्य (-) | 4,455 |
| 24-09-2024 | अनाज | ravindradalvi | 3,546 |
शेतकरी साहित्य चळवळ-संमेलन
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 02-01-2017 | कवी संमेलन/गझल मुशायरा २०१७ : अटी आणि शर्थी | 8,513 |
| 19-11-2022 | प्रतिनिधी नोंदणी : ११ वे साहित्य संमेलन | 6,286 |
| 04-12-2023 | अंगारमळा : अंक - १७ | 3,381 |
| 03-09-2023 | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२३ : वर्ष १० वे | 5,907 |
| 22-03-2023 | वांझ साहित्य निर्माण होण्याऐवजी निर्माणच न होणे काय वाईट? | 7,101 |
"रानमेवा" काव्यसंग्रह
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | काळ्या मातीचा गंध शब्दाशब्दांतून जाणवतो. | 3,043 |
| 23-06-2011 | सर्वच कविता वाचनीय | 2,898 |
| 23-06-2011 | विचार- सरणीचं अचूक दर्शन | 2,607 |
| 23-06-2011 | चाकोरीबाहेरचं लिहायचा प्रयास | 2,792 |
| 23-06-2011 | लिखाणामधे खूप विविधता | 2,626 |
नवीन प्रतिसाद