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ताजे लेखन आणि नवीन प्रतिसाद
| प्रकाशन दिनांक | शीर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
|---|---|---|---|---|
| 22-09-24 | गुजरी | Liladhardawande786 | 4,601 | 2 |
| 18-09-24 | नेता नव्हे, शेतकर्यांचा स्वातंत्र्यसूर्य | गंगाधर मुटे | 3,628 | 1 |
| 18-09-24 | यंदा पेरू वावरात गांजा | गोपाल मापारी | 4,192 | 1 |
| 18-09-24 | कृषिनिष्ठ, शेतीभूषण म्हणजे कुर्हाडीचे दांडे? | गंगाधर मुटे | 4,809 | 1 |
| 18-09-24 | उत्पादन खर्च आणि कापसाचे भाव | गंगाधर मुटे | 4,558 | 1 |
| 18-09-24 | असा आहे आमचा शेतकरी | गंगाधर मुटे | 5,003 | 1 |
| 17-09-24 | शेतमालाचा भाव | URMILA RAUT | 4,788 | 1 |
| 04-09-24 | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२४ : वर्ष ११ वे | गंगाधर मुटे | 5,329 | 3 |
| 24-09-24 | पिकाचा भाव | Nilesh Turke | 4,708 | 2 |
| 23-09-24 | भाव भावनांचा | अतिथी सदस्य (-) | 5,909 | 4 |
माझी मराठी गझल
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 08-05-2013 | माझी गझल निराळी - भूमिका | 8,097 |
| 10-03-2014 | परिघाबाहेरची गझल - श्री किमंतु ओंबळे | 3,387 |
| 09-03-2014 | तोंडी, लेखी व प्रयोगशाळेतही मेरीटचे गुण - श्री तुळशीराम बोबडे | 3,222 |
| 09-03-2014 | मनाला थेट भिडणारी गझल - तुषार देसले | 2,914 |
| 09-03-2014 | ’माझी गझल निराळी’ - अभिप्राय : प्रमोद गुळवेलकर | 2,992 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 23-09-2024 | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 5,929 |
| 24-09-2024 | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 6,235 |
| 24-09-2024 | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 5,842 |
| 24-09-2024 | हमी भाव | अतिथी सदस्य (-) | 6,956 |
| 24-09-2024 | अनाज | ravindradalvi | 5,189 |
शेतकरी साहित्य चळवळ-संमेलन
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 02-01-2017 | कवी संमेलन/गझल मुशायरा २०१७ : अटी आणि शर्थी | 12,170 |
| 19-11-2022 | प्रतिनिधी नोंदणी : ११ वे साहित्य संमेलन | 6,286 |
| 04-12-2023 | अंगारमळा : अंक - १७ | 4,485 |
| 03-09-2023 | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०२३ : वर्ष १० वे | 8,035 |
| 22-03-2023 | वांझ साहित्य निर्माण होण्याऐवजी निर्माणच न होणे काय वाईट? | 8,523 |
"रानमेवा" काव्यसंग्रह
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | सडेतोड लेखणीतून वास्तवचित्र | 3,143 |
| 23-06-2011 | लिखाण अतिशय प्रामाणिक | 3,287 |
| 23-06-2011 | अभ्यासपूर्ण आणि अस्सल काव्य | 3,406 |
| 23-06-2011 | अनुभवांची शिदोरी आणि सृजनशीलतेची समृद्धी | 3,599 |
| 23-06-2011 | एक “अनुभवसिद्ध रानमेवा" | 3,117 |