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ताजे लेखन आणि नवीन प्रतिसाद
| प्रकाशन दिनांक | शीर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
|---|---|---|---|---|
| 16-09-24 | नको नको विकू राजा | Ujwala Sambhaji... | 3,412 | 2 |
| 16-09-24 | कवडीमोल दाम | मुक्तविहारी | 3,890 | 2 |
| 20-09-24 | पदरी अमुच्या घोर निराशा... | nilkavi74 | 3,820 | 2 |
| 22-09-24 | गुजरी | Liladhardawande786 | 3,663 | 2 |
| 18-09-24 | नेता नव्हे, शेतकर्यांचा स्वातंत्र्यसूर्य | गंगाधर मुटे | 2,802 | 1 |
| 18-09-24 | यंदा पेरू वावरात गांजा | गोपाल मापारी | 3,055 | 1 |
| 18-09-24 | कृषिनिष्ठ, शेतीभूषण म्हणजे कुर्हाडीचे दांडे? | गंगाधर मुटे | 2,922 | 1 |
| 18-09-24 | उत्पादन खर्च आणि कापसाचे भाव | गंगाधर मुटे | 3,556 | 1 |
| 18-09-24 | असा आहे आमचा शेतकरी | गंगाधर मुटे | 3,824 | 1 |
| 17-09-24 | शेतमालाचा भाव | URMILA RAUT | 3,884 | 1 |
शेतकरी गीत, काव्यगीत
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 25-05-2011 | मेरे देश की धरती | 3,942 |
| 25-05-2011 | आता उठवू सारे रान | 6,035 |
माझी मराठी गझल
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 11-06-2014 | अस्थी कृषीवलांच्या | 5,758 |
| 16-04-2014 | शेतकर्याला अभय देणारी निराळी गझल - विजय चव्हाण | 3,795 |
| 13-04-2014 | वरुणदेवाने फालतू त्याची जात दावू नये | 2,642 |
| 04-04-2014 | काही स्फूट शेर | 2,909 |
| 22-03-2014 | रंग आणखी मळतो आहे | 2,592 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 27-09-2024 | चाटा | Anu25488 | 3,927 |
| 20-09-2024 | हत्त्या करायला शीक : कविता इंद्रजित भालेराव | गंगाधर मुटे | 4,847 |
| 23-09-2024 | वांगे अमर रहे -गंगाधर मुटे | Ajit1980 | 4,408 |
| 24-09-2024 | शेतकरी बाप | Vaishnavi nirmal | 4,696 |
| 24-09-2024 | दिवास्वप्न | निलेश देवकर | 4,698 |
शेतकरी साहित्य चळवळ-संमेलन
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 20-02-2024 | संमेलनातील कवीची निवड : कार्यपद्धती | 21,361 |
| 23-01-2024 | विश्वस्तरीय Online लेखनस्पर्धा-२०२३ : निकाल | 4,772 |
| 02-01-2017 | कवी संमेलन/गझल मुशायरा २०१७ : अटी आणि शर्थी | 9,693 |
| 19-11-2022 | प्रतिनिधी नोंदणी : ११ वे साहित्य संमेलन | 6,286 |
| 04-12-2023 | अंगारमळा : अंक - १७ | 3,948 |
"रानमेवा" काव्यसंग्रह
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | काळ्या मातीचा गंध शब्दाशब्दांतून जाणवतो. | 3,191 |
| 23-06-2011 | सर्वच कविता वाचनीय | 3,063 |
| 23-06-2011 | विचार- सरणीचं अचूक दर्शन | 2,777 |
| 23-06-2011 | चाकोरीबाहेरचं लिहायचा प्रयास | 2,920 |
| 23-06-2011 | लिखाणामधे खूप विविधता | 3,018 |