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प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन![]() |
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12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | शेती तंत्रज्ञानातील समाजवादी कीड | Anil Ghanwat | 588 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | ऊस दराच्या गुजरात पॅतर्न बद्दल दिशाभूल नको | Anil Ghanwat | 1,912 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | महा आघाडी सरकारची कर्जमाफी अन्यायकारी | Anil Ghanwat | 668 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | साहेबराव करपे व त्यांच्या परिवाराच्या पार्थिवा बरोबर माझा प्रवास | Anil Ghanwat | 791 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | कोरोनाचा " बळी"राजा | Anil Ghanwat | 655 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | हतबल भारतियांचे इंडियातून पलायन | Anil Ghanwat | 591 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | कोरोना आणि शेतकरी संप | Anil Ghanwat | 594 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | बचेंगे तो अौर भी मरेंगे | Anil Ghanwat | 779 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | आमच्या गावात रास्त भावात | Anil Ghanwat | 700 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | बळीराजा ते ग्राहकराजा | Anil Ghanwat | 696 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | आमच्या गावात रास्त भावात. माझा अनुभव | Anil Ghanwat | 577 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | जिस खेतसे दहेकांको मयस्सर नही रोजी....... | Anil Ghanwat | 687 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | शेतकर्यांनो एक वर्ष सुटीघ्यायची का? | Anil Ghanwat | 562 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | शेतकरी संघटनांना "संघटित" कसे करावे? | Anil Ghanwat | 728 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | शेतकरी संघटनांना "संघटित" कसे करावे? | Anil Ghanwat | 834 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | फुकट्यांच्या उल्ट्या बोंबा | Anil Ghanwat | 641 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | फळे भाजिपाल्याला अच्छे दिन | Anil Ghanwat | 580 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | फळे भाजीपाल्याला अच्छे दिन | Anil Ghanwat | 688 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | पिपलीचे शेख चिल्ली | Anil Ghanwat | 512 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | कमी भावासाठी आंदोलन? | Anil Ghanwat | 665 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | समर्थन की आंदोलन | Anil Ghanwat | 623 | 12/10/20 | |
12/10/2020 | अध्यक्षांचा स्तंभ | एम एस पी चा भुलभुलैया | Anil Ghanwat | 765 | 12/10/20 | |
29/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | उपद्रवी जिवाणू | Narendra Gandhare | 2,920 | 9 | 12/10/20 |
09/10/2020 | साहित्य चळवळ | लेखनस्पर्धा प्रवेशिकांतील उणिवा आणि तृटी | गंगाधर मुटे | 2,022 | 4 | 12/10/20 |
17/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | गझल : खळगी भरू कशी मी | Pradip thool | 2,350 | 5 | 12/10/20 |
01/10/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | दुर्लक्षित कोविड योद्धा बळीराजा | राजेश हनुमंतराव... | 2,126 | 3 | 11/10/20 |
20/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | गझल : धाकात या करोना | Dr. Ravipal Bha... | 3,654 | 11 | 11/10/20 |
16/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | गझल: घेऊन जा करोना | Dr. Ravipal Bha... | 5,811 | 19 | 11/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | गझल : आबाद शेत नाही | Dr. Ravipal Bha... | 3,484 | 10 | 11/10/20 |
03/08/2020 | काव्यधारा | आठोनीच्या झुल्यावर | ravindradalvi | 2,023 | 5 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोना :शेती व्यवस्था परिवर्तनाचा जनक! | आदिनाथ ताकटे | 1,736 | 2 | 10/10/20 |
18/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | करोना आणि शेती - भविष्यातील आव्हाने. | ऍड. सुशांत बाराहाते | 2,985 | 6 | 10/10/20 |
14/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरणामुळे शेतीवर झालेले दुष्परिणाम | Bhushan Sahadeo... | 2,206 | 5 | 10/10/20 |
08/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोना काळातही शेतीच सर्वश्रेष्ठ | ruawchar | 1,460 | 2 | 10/10/20 |
14/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोना आणि शेती | Ganesh Varpe | 2,209 | 5 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | उजेडाचा पाठलाग.. | Krushna Ashok Jawle | 1,329 | 3 | 10/10/20 |
17/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | शेती आणि कोरोना | Pradip Deshmukh | 1,139 | 1 | 10/10/20 |
30/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोना काळात सार्थ ठरली पोशिंद्याची व्याख्या... | ravindradalvi | 1,673 | 4 | 10/10/20 |
02/10/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | गावात कोरोना आला अन् पेरा गेला ।। | रजनी ताजने | 880 | 1 | 10/10/20 |
15/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | गाई गेल्या राना समृध्द लोकसंस्कृतीचा नैसर्गिक खजिना | Kiran dongardive | 985 | 1 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | शेती आणि कोरोना | Vishal Marathe | 1,144 | 1 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | माझा शेतकरी देव...! | माही_निर्मिती | 1,387 | 3 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | आणले पाहिजे पुन्हा बळीचे राज. | बालाजी कांबळे | 1,078 | 1 | 10/10/20 |
11/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | वांझ | श्री. अनिकेत देशमुख | 1,349 | 2 | 10/10/20 |
21/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | धावपट्टी-2 | Rajesh Jaunjal | 1,335 | 3 | 10/10/20 |
01/10/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | हिशोब | खुशाल दादाराव ग... | 1,255 | 3 | 10/10/20 |
29/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोनात ही दिला हात | लक्ष्मण लाड | 2,077 | 4 | 10/10/20 |
14/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | स्वप्नभंग | Bhushan Sahadeo... | 3,609 | 14 | 10/10/20 |
20/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | बंद बाँम्बे | Rajesh Jaunjal | 2,193 | 7 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | रेंज इथं मिळत नाही... | Raosaheb Jadhav | 802 | 1 | 10/10/20 |
15/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोना: रडे भूमीचा हा दास | Kiran dongardive | 972 | 1 | 10/10/20 |
18/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | इरसाल पाऊस | Narendra Gandhare | 2,615 | 8 | 10/10/20 |
15/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | कोरोना (वऱ्हाडी बोली ) | ravindradalvi | 2,502 | 9 | 10/10/20 |
20/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | मृत्युपत्र | पंडित निंबाळकर | 1,146 | 2 | 10/10/20 |
29/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | लाँक | Rajesh Jaunjal | 1,993 | 7 | 10/10/20 |
15/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | हरवलेल्या पोळ्याच्या आठवणी | Kiran dongardive | 983 | 1 | 10/10/20 |
17/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | शेती आणि कोरोना | रजनी ताजने | 1,056 | 2 | 10/10/20 |
19/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | रेंज इथं मिळत नाही... | Raosaheb Jadhav | 848 | 1 | 10/10/20 |
02/10/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | बळीराजाचा नांगर | Sidheshwar Ingole | 1,330 | 3 | 10/10/20 |
18/09/2020 | लेखनस्पर्धा-२०२० | विलगीकरण | Pradip Deshmukh | 1,861 | 6 | 10/10/20 |
प्रकाशन दिनांक | लेखनविभाग | शीर्षक | लेखक |
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19/09/24 | मागोवा | मिळेल का बळीला न्याय? | Bharati Sawant |
19/09/24 | वैचारिक लेख | न्याय आणि वाव बळीराजाचा | Bharati Sawant |
18/09/24 | दुःखद अनुभव | पार्टी द्या, कर्ज घ्या; कोंबडी द्या, वसुली थांबवा | गंगाधर मुटे |
18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | आत्महत्या नव्हे, शेतकर्यांचा शासकीय खून! | गंगाधर मुटे |
18/09/24 | ललितलेख | वांगे अमर रहे...! | गंगाधर मुटे |
18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | तर नांगर दाबणारे हात मंत्र्यांचे गळे दाबतील | Andi2702 |
18/09/24 | निमंत्रितांचे लेखन | शोषकांना पोषक : जातीयवादाचा भस्मासूर : युगात्मा शरद जोशी | संपादक |