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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 14/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | कोरोना ग्रस्त हंगाम | Dr Swati Bhadre | 4,610 | 2 | 27/11/23 |
| 07/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | तिचं परगती पत्रक | Raosaheb Jadhav | 5,252 | 6 | 27/11/23 |
| 14/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | एकदासं तू मरणं देगा... | nilkavi74 | 5,648 | 3 | 26/11/23 |
| 18/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | शेती आणि माती | NILESHDESHMUKH | 5,037 | 4 | 25/11/23 |
| 26/10/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | आज माझ्या कापसाला भाव द्या | nilkavi74 | 4,340 | 2 | 25/11/23 |
| 14/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | बळी असेच कितीदा स्वतःला वामनाकडून गाडून घेणार? | सतीश शंकरराव मानकर | 7,507 | 7 | 24/11/23 |
| 13/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | बळीराजा : "तेव्हा आणि आता सुद्धा"..... | Narendra Gandhare | 5,081 | 3 | 22/11/23 |
| 11/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | मायीनं जगवली पिलं | बालाजी कांबळे | 4,104 | 3 | 22/11/23 |
| 16/11/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | बाभळीच्या फुला (गझल) | दिवाकर जोशी | 4,625 | 3 | 22/11/23 |
| 23/10/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२३ | शेतकऱ्यांचा राजा बळीराजा | Madhavkhalanekar | 5,268 | 4 | 22/11/23 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 23-09-2024 | कृषिप्रधान देशातील हतबल शेतकरी | Vaishnavi nirmal | 3,468 |
| 23-09-2024 | हारासी | NILESHDESHMUKH | 1,153 |
| 23-09-2024 | बळी-राजा | डॉ दिग्विजय जाधव | 2,093 |
| 23-09-2024 | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,378 |
| 23-09-2024 | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,471 |
शेतकरी साहित्य चळवळ-संमेलन
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 18-11-2018 | प्रतिनिधी नोंदणी पद्धत : ५ वे साहित्य संमेलन, पैठण | 5,488 |
| 31-10-2018 | ५ वे अ.भा.मराठी शेतकरी साहित्य संमेलन पैठणमध्ये | 14,119 |
| 03-09-2018 | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०१८ : नियम आणि अटी | 10,232 |
| 30-09-2016 | पाहून घे महात्म्या | 6,729 |
| 20-04-2018 | ४ थे अ.भा.म.शे.सा.सं : छायाचित्र | 2,293 |
नवीन प्रतिसाद