
नमस्कार ! ![]() बळीराजावर आपले स्वागत आहे. |
आजचे बाजारभाव पाहण्यासाठी https://www.baliraja.com/node/3024 या लिंकवर क्लिक करा.
| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 22/03/2023 | साहित्य चळवळ | वांझ साहित्य निर्माण होण्याऐवजी निर्माणच न होणे काय वाईट? | गंगाधर मुटे | 7,229 | 2 | 28/03/23 |
| 02/03/2023 | अध्यक्षांचा स्तंभ | पोटा पुरते पीक | Anil Ghanwat | 998 | 02/03/23 | |
| 17/02/2023 | माझे गद्य लेखन | ब. ल. नावाचा अखंडित झरा आज खंडित झाला | गंगाधर मुटे | 1,381 | 17/02/23 | |
| 04/02/2023 | अध्यक्षांचा स्तंभ | अन्नसुरक्षेची एशितैशी | Anil Ghanwat | 1,148 | 04/02/23 | |
| 22/01/2023 | अध्यक्षांचा स्तंभ | प्रश्न फक्त वायदेबंदीचा नाही | Anil Ghanwat | 1,022 | 22/01/23 | |
| 12/01/2023 | साहित्य चळवळ | विश्वस्तरीय Online लेखनस्पर्धा-२०२२ : निकाल | गंगाधर मुटे | 4,202 | 1 | 12/01/23 |
| 05/01/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२२ | कवितेचे रसग्रहण | rajendraphand | 3,900 | 1 | 05/01/23 |
| 05/01/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२२ | शेती म्हणजे | rajendraphand | 1,326 | 05/01/23 | |
| 05/01/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२२ | सृतिगंध... एक मागोवा | nilkavi74 | 1,164 | 05/01/23 | |
| 04/01/2023 | लेखनस्पर्धा-२०२२ | धग | सचिन शिंदे | 1,353 | 04/01/23 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 07-11-2023 | तिचं परगती पत्रक | Raosaheb Jadhav | 4,112 |
| 14-11-2023 | एकदासं तू मरणं देगा... | nilkavi74 | 4,023 |
| 18-11-2023 | शेती आणि माती | NILESHDESHMUKH | 3,803 |
| 26-10-2023 | आज माझ्या कापसाला भाव द्या | nilkavi74 | 3,410 |
| 14-11-2023 | बळी असेच कितीदा स्वतःला वामनाकडून गाडून घेणार? | सतीश शंकरराव मानकर | 5,524 |
शेतकरी साहित्य चळवळ-संमेलन
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 22-09-2015 | २ रे अ.भा. शेतकरी मराठी साहित्य संमेलन : नियोजन | 15,053 |
| 28-08-2015 | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०१५ : नियम, अटी व तपशिल | 11,756 |
| 05-03-2015 | शेतकरी साहित्य संमेलन : सिंहावलोकन व पुढील नियोजन | 27,891 |
| 23-03-2015 | संमेलनाध्यक्ष मा. शरद जोशी यांचे भाषण | 2,560 |
| 19-03-2015 | पहिले शेतकरी साहित्य संमेलन : स्वागताध्यक्षांचे भाषण | 3,006 |
नवीन प्रतिसाद