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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 06/10/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | गझल | Dr. Ravipal Bha... | 1,979 | 06/10/18 | |
| 02/10/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | नि:शब्द | Rajesh Jaunjal | 3,998 | 1 | 02/10/18 |
| 02/10/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | गझल | Dr. Ravipal Bha... | 4,515 | 2 | 02/10/18 |
| 01/10/2018 | अध्यक्षांचा स्तंभ | व्यापार्यांना कैद, शेतकर्यांना फाशी. | Anil Ghanwat | 1,742 | 01/10/18 | |
| 30/09/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | गझल | Dhirajkumar Taksande | 1,743 | 30/09/18 | |
| 28/09/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | गझल | Dr. Ravipal Bha... | 4,054 | 2 | 28/09/18 |
| 27/09/2018 | गोलमेज चावडी | कविता समजून घेताना ... | लक्ष्मण खेडकर | 1,532 | 27/09/18 | |
| 25/09/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | गझल | Dr. Ravipal Bha... | 3,911 | 2 | 25/09/18 |
| 24/09/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | एकीच्या गीताचा जोपासू छंद ! | आशिष आ. वरघणे | 3,288 | 2 | 24/09/18 |
| 24/09/2018 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | शेतकऱ्याच्या मुला | आशिष आ. वरघणे | 1,282 | 24/09/18 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 23-09-2019 | कुणब्याचं जगणं काळजावर गोंदवणारा कवी : संतोष आळंजकर | सचिन शिंदे | 5,087 |
| 05-10-2019 | बायल्यावाणी कायले मरतं? | Pradip Deshmukh | 4,082 |
| 10-10-2019 | शेतीतील परावलंबीत्व कमी होणे ..काळाची गरज | ravindradalvi | 4,752 |
| 10-10-2019 | कर्ज माफी कि कर्ज मुक्ती- आमच अजून ठरतय ! | आदिनाथ ताकटे | 4,641 |
| 10-10-2019 | चांगली माणसे ..एक अनुभव !! | Rahul Rajopadhye | 4,047 |
नवीन प्रतिसाद