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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 27/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | धरोनीया आस | shrikant dhote | 4,886 | 1 | 28/09/17 |
| 17/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | मोती असे गळाले.. | Dhirajkumar Taksande | 8,488 | 8 | 28/09/17 |
| 18/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | जीवनोत्सव! | Dr. Ravipal Bha... | 10,201 | 12 | 28/09/17 |
| 11/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | नांगरणी | Dhirajkumar Taksande | 6,508 | 3 | 28/09/17 |
| 11/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | जगवा किसान आता | Dhirajkumar Taksande | 5,159 | 3 | 28/09/17 |
| 12/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | वारसा | Dhirajkumar Taksande | 4,857 | 2 | 28/09/17 |
| 12/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | घाल घाव! | Dhirajkumar Taksande | 5,619 | 2 | 28/09/17 |
| 11/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | कर्जमृत्यु | Dhirajkumar Taksande | 5,368 | 3 | 28/09/17 |
| 24/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | तुझ्यापायीच झाली ही दैना | Dhirajkumar Taksande | 5,280 | 2 | 28/09/17 |
| 11/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | थांबा! | Raosaheb Jadhav | 6,235 | 4 | 27/09/17 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 10-10-2018 | गझल | Dr. Ravipal Bha... | 9,451 |
| 09-09-2018 | गझल | Dr. Ravipal Bha... | 13,015 |
| 18-09-2018 | प्राण वेचताना | Dhirajkumar Taksande | 10,114 |
| 16-09-2018 | गझल | Dhirajkumar Taksande | 17,619 |
| 09-09-2018 | भारत महासत्ता कधी होईल यार | Kiran dongardive | 5,612 |
नवीन प्रतिसाद