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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 10/02/2018 | साहित्य चळवळ | ४ थे अ.भा.म.शे.सा.सं : चित्रवृत्तांत : उदघाटन सत्र | गंगाधर मुटे | 9,070 | 6 | 10/02/18 |
| 08/02/2018 | साहित्य चळवळ | ४ थे अ.भा.म.शे.सा.सं : वृत्तपत्र वृत्तांत | गंगाधर मुटे | 6,559 | 2 | 08/02/18 |
| 06/02/2018 | शेतकरी गझल | झोपेच्या घाती | Dr. Ravipal Bha... | 4,774 | 3 | 08/02/18 |
| 05/02/2018 | गद्यलेखन | ४ थे अखिल भारतीय मराठी शेतकरी साहित्य संमेलन, मुंबई - ३१ जानेवारी २०१८ | Ravindra Kamthe | 3,147 | 1 | 07/02/18 |
| 06/02/2018 | शेतकरी गझल | व्यर्थच ठरली आहे | Dhirajkumar Taksande | 4,433 | 2 | 06/02/18 |
| 05/02/2018 | मदतपुस्तिका | शेतकरी परिवार मोबाईल अॅप | गंगाधर मुटे | 4,305 | 05/02/18 | |
| 21/11/2017 | साहित्य चळवळ | ऑनलाईन अग्रिम प्रतिनिधी नोंदणी : ४ थे संमेलन | गंगाधर मुटे | 25,268 | 23 | 15/01/18 |
| 25/12/2017 | साहित्य चळवळ | विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा-२०१७ : निकाल | admin | 10,563 | 6 | 12/01/18 |
| 28/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | मी मेल्यावर....! | Ramesh Burbure | 13,579 | 15 | 12/01/18 |
| 30/09/2017 | लेखनस्पर्धा-२०१७ | पोटातले पाणी | Dhirajkumar Taksande | 5,826 | 4 | 12/01/18 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 07-09-2019 | डोळे आभाळाकडे | Radhika | 3,951 |
| 05-09-2019 | तुमचं काय गेलं:- मंगेश पाडगावकर व्यंगातून जीवन भाष्य | Kiran dongardive | 4,879 |
| 05-09-2019 | नक्षली, ग्रामीण आणि जीवन स्पर्शी आयपीएस एक समृद्ध कादंबरी।।, | Kiran dongardive | 4,069 |
| 05-09-2019 | ना धों महानोर ह्यांच्या कवितेतील रानावनात विरलेली स्त्री | Kiran dongardive | 8,540 |
| 04-09-2019 | माय पीठ होऊन गळते | Kiran dongardive | 3,190 |
नवीन प्रतिसाद