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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 13/05/2013 | माझी मराठी गझल | रक्त आटते जनतेचे | गंगाधर मुटे | 2,400 | 13/05/13 | |
| 08/05/2013 | माझी आवड | नजरा..!! | संपादक | 2,228 | 08/05/13 | |
| 08/05/2013 | माझी मराठी गझल | आत्महत्या बळीच्या तू रोख वामना | गंगाधर मुटे | 2,550 | 08/05/13 | |
| 02/05/2013 | आंदोलन | चीनी वस्तूंची होळी | संपादक | 3,070 | 02/05/13 | |
| 30/04/2013 | माझी मराठी गझल | मरणे कठीण झाले - स्पर्धा विजेती गझल | गंगाधर मुटे | 5,499 | 30/04/13 | |
| 30/04/2013 | माझी आवड | होत्याचे नव्हते झाले | संपादक | 2,391 | 30/04/13 | |
| 20/04/2013 | माझी मराठी गझल | त्यांचाच जीव घे तू .... | गंगाधर मुटे | 2,639 | 20/04/13 | |
| 15/04/2013 | माझी आवड | कुठे भास होतो तुझ्या कंकणांचा | गंगाधर मुटे | 2,626 | 15/04/13 | |
| 31/03/2013 | माझी आवड | ये सूरत बदलनी चाहिए | संपादक | 2,602 | 31/03/13 | |
| 28/03/2013 | माझी आवड | आकाश उजळले होते | संपादक | 2,412 | 28/03/13 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 20-09-2016 | आले नभ गेले नभ | मुक्तविहारी | 4,001 |
| 20-09-2016 | दारिद्रय | मुक्तविहारी | 4,033 |
| 19-09-2016 | ये रे पावसा. | Pradnya | 5,779 |
| 19-09-2016 | चल चल पावसा | Pradnya | 4,596 |
| 19-09-2016 | बैल-वीनवणी. | Pradnya | 5,464 |
नवीन प्रतिसाद